ब्रेकिंग
मुख्यमंत्री साय का आज का पूरा कार्यक्रम, नगरीय प्रशासन की समीक्षा बैठक में होंगे शामिल छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, बारिश थमने से बढ़ी गर्मी; अगले 48 घंटे फिर बारिश के आसार कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय में AI-मीडिया शोध केंद्र की शुरुआत, राज्यपाल डेका ने दिया पत्रकारिता का ... छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, 11 सितंबर से बारिश का अलर्ट; बिलासपुर में सामान्य से अधिक बारि... फ्लाइट बंद होने के बीच राहत की खबर, बिलासपुर से Fly91 भर सकती है उड़ान भिलाई में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो; दो युवकों की मौत लखनऊ में पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति का पहला स्थापना दिवस, 17 राज्यों के पत्रकारों ने दिखाया एकजुटता ... CG News:- लूट के माल के बंटवारे पर गैंग में घमासान! मारपीट ने खोला पूरा राज, रीवा से आई पिस्टल से लू... छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम, रायपुर-बिलासपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्यपाल करेंगे सम्मानित
दुर्ग

रक्तदान में प्रदेश में अव्वल, 3663 यूनिट रक्त संग्रहण के साथ बनाया रिकॉर्ड

दुर्ग। दुर्ग जिला ने रक्तदान अभियान में लगातार दूसरे वर्ष छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक जिले में कुल 72 रक्त संग्रहण शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 3663 यूनिट रक्त का संग्रहण किया गया। यह आंकड़ा प्रदेश के सभी 33 ब्लड बैंकों में सबसे अधिक है।

संयुक्त प्रयास का नतीजा

दुर्ग ब्लड बैंक के नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने इस सफलता को पूरे टीम के संयुक्त प्रयास का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों, कर्मचारियों, और जागरूक नागरिकों के सहयोग का परिणाम है। इस सफलता को सतत बनाए रखने के लिए हम पूरी लगन से काम करते रहेंगे।”

जागरूकता और समर्पण का परिणाम

कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी, सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी, सिविल सर्जन डॉ. हेमंत साहू, और डॉ. देवेंद्र साहू ने भी इस उपलब्धि के लिए जिले की जागरूकता और समर्पित टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले के लोगों ने रक्तदान को “महादान” के रूप में अपनाया है और इसमें आगे बढ़कर हिस्सा लिया है।

अभियान को और बढ़ाने की योजना

डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि आगामी वर्ष भी इस अभियान को जारी रखने की योजना बनाई गई है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा, “लोगों में रक्तदान के प्रति संवेदनशीलता बढ़ी है और यह जीवन मूल्यों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम बन गया है।”

सामाजिक सहयोग और समर्थन

सरकारी संस्थानों, समाजसेवियों और आम जनता के सहयोग से दुर्ग जिले में रक्तदान का यह सकारात्मक वातावरण बना है। डॉ. अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाते रहेंगे।

दुर्ग बना प्रेरणा स्रोत

दुर्ग जिले की इस उपलब्धि ने न केवल जिले को बल्कि पूरे प्रदेश को गर्व का अनुभव कराया है। यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकती है, जिससे प्रदेश में रक्तदान अभियान को और अधिक मजबूती मिले।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button